ग्रामीणों ने आधी रात तक रोके रखी पुलिस टीम

भरमौर (चंबा)। उपमंडल की बड़ग्रां पंचायत में शराब की दुकान के विरोध में उतरीं महिलाओं और अन्य ग्रामीणों ने ठेकेदार की शिकायत पर वहां पहुंची पुलिस के वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। उन्होंने एचएचओ और अन्य कर्मियों को आधी रात तक रोके रखा और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। स्थिति बिगड़ी देख पुलिस को करीब छह किमी. तक पैदल सफर करना पड़ा। इस दौरान गाड़ी की व्यवस्था होने पर पुलिस टीम मंगलवार की सुबह चार बजे के करीब थाने पहुंच पाई। जानकारी के अनुसार गांव में चल रहे शराब के ठेके के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने सोमवार रात आठ बजे के करीब शराब के ठेके को जबरन हटाने की योजना बना रखी थी। इसकी भनक लगते ही ठेके के मालिक ने पुलिस की मदद मांगी थी। सोमवार रात जब एसएचओ ज्ञान सिंह ठाकुर ठेके के मालिक सहित बडग्रां पहुंचे तो वहां मौजूद महिलाओं ने उनकी गाड़ी के आगे पत्थर फेंक दिए और खुद भी गाड़ी के आगे खड़ी हो र्गइं। महिलाओं ने पुलिस को आधी रात तक बड़ग्रां में ही रोके रखा। उधर, बड़ग्रां प्रधान छेता देवी का कहना है कि अभी तक बड़ग्रां में शराब के ठेके के स्थानांतरण के बारे मे कोई भी प्रस्ताव नहीं डाला गया है। वहीं, महिलाओं का कहना है कि बड़ग्रां में आने से पहले पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों को विश्वास में नहीं लिया था। इसलिए उन्होंने वाहन रोके रखा और एसडीएम को फोन कर मौके पर आने की मांग की थी।

शिकायत आने पर गए थे बड़ग्रां
एसएचओ ज्ञान सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस को ठेके के मालिक ने बड़ग्रां में शराब की दुकान को जबरन हटाए जाने की शिकायत की थी। इसकी जांच के लिए वे ठेकदार के साथ बडग्रां गए हुए थे। जहां पर महिलाओं ने उनका रास्ता रोक कर नारेबाजी की। जिन महिलाओं ने पत्थर फेंक कर रास्ता रोका है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या कहना है एसडीएम का
इस संबंध में उपमंडल अधिकारी डा. जितेंद्र का कहना है कि शराब की दुकान के स्थानांतरण के बारे में अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है। वहीं, एसएचओ ने भी इस प्रदर्शन के बारे में उन्हें सूचित नहीं किया था। इस मामले की जांच करवाई जाएगी।
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